क्या आप जानते हैं सीताफल की पत्तियों के फायदों के बारे में

 

 

इसके पत्तों में औषधीय गुण होते हैं जिसके कारण इसका इस्‍तेमाल कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं में किया जाता है। जानकारों के अनुसार इसकी पत्तियों के बहुत से पोषक तत्व होते हैं जो स्‍वास्‍थ्‍य लाभ दिलाने में सहायक होते हैं, जिसके कारण इनका उपयोग आयुर्वेद में में व्‍यापक रूप से किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसकी पत्तियों को उबालकर उपयोग करना काफी फायदेमंद होता है। कुछ विशेष प्रकार की बीमारियों को ठीक करने के लिए इसकी पत्ती की चाय का उपयोग किया जा सकता है। कुछ विशेष लाभ इस प्रकार हैं।

 

1. मधुमेह के लिए: इसके पत्तों में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, इसलिए ये पत्तियां हमारे शरीर में चीनी के अवशोषण को धीमा करने में सहायक होती हैं। जिससे वे रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। फाइबर धीरे-धीरे पचता है, जिसके कारण यह आपके रक्‍त शर्करा के स्‍तर में अचानक स्‍पाइक्स का कारण नहीं बनता है। इस प्रकार इसके पत्तों के फायदे आपके पाचन तंत्र को भी स्‍वस्‍थ रखने में मदद करते हैं। मधुमेह के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए आप शरीफा की 2-3 पत्तियों को पानी में उबाल सकते हैं। इस मिश्रण को सुबह खाली पेट पी सकते हैं। ऐसा करने पर रक्‍त शर्करा के स्‍तर को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

 

2. हृदय के लिए: जिन लोगों को हृदय संबंधी रोग हैं वे इसकी पत्ती का उपयोग औषधी के रूप में कर सकते हैं। क्‍योंकि इसके पत्तों में मौजूद पोषक तत्‍वों में पोटेशियम और मैग्नीशियम अच्‍छी मात्रा में होते हैं। ये घटक हृदय की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करते हैं। नियमित रूप से इसकी पत्तियों के उपयोग से स्‍ट्रोक और हृदय रोगों की संभावना को कम किया जा सकता है। इसके अलावा इसके पत्ते उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं जो रक्त वाहिकाओं के फैलाव को बढ़ावा देकर रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाते हैं।

3. शरीर की शक्ति बढ़ाये: इसके पत्तों का इस्‍तेमाल शारीरिक क्षमता और शक्ति को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। क्‍योंकि इन औषधीय पत्तों में बहुत से पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ होते हैं जिनकी आवश्‍यकता हमारे शरीर को होती है। शारीरिक शक्ति को बढ़ाने के लिए आधा कप पानी में 2 से 3 सीताफल के पत्तों को उबालें और चाय के रूप में इसका सेवन करें। यह हर्बल चाय आपके चयापचय दर और ऊर्जा के स्‍तर को बनाए रखने में मदद कर सकती है। इसके अलावा इसकी पत्ती की चाय पीने से शरीर में मौजूद विषाक्‍तता को दूर करने में भी मदद मिलती है।

 

4. उम्र बढ़ने से रोके: औषधीय गुणों से भरपूर इसके पत्ते त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इन पत्तों में एंटी-ऑक्‍सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है। ये त्‍वचा को सूरज की धूप से होने वाली क्षति से बचाते हैं। इसके अलावा इसके पत्तों के गुण त्‍वचा कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव को भी कम करने में सहायक होते हैं। त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए आप पानी में इन पत्तों को उबालकर इस चाय का नियमित सेवन करें। यह त्वचा की उम्र बढ़ने से रोकने में मदद करता है। यह झुर्रियों, मुँहासों को रोकने और स्वस्थ चमकती त्वचा को बनाए रखने में मदद कर सकता है।

5. घाव उपचार में: आपको बता दें कि इसकी पत्तियों का इस्‍तेमाल घाव उपचार के लिए भी किया जा सकता है। क्‍योंकि इन पत्तियों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसकी पत्तियों से रस निकालें और घाव में इस रस को लगाएं। इन पत्तियों का रस प्रभावी रूप से घाव उपचार करने में मदद कर सकता है।

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