मधुमेह रोगियों के खाने के लिए फलों की सूची, जानिये

 

1 अनार: लोग अक्सर यह सवाल पूछते हैं की क्या शुगर में अनार खाना चाहिए? जो लोग डायिबिटिक हैं उन्‍हें अपने लिए ऐसे फलों का चुनाव करना चाहिए जो इसके लक्षणों को कम करने में उनकी सहायता करते हों। ऐसे रोगियों के लिए यह एक अच्‍छा विकल्‍प है। क्‍योंकि इसमें एंटी-ऑक्‍सीडेंट की उच्‍च मात्रा होती है। जिसके कारण यह आपको फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव से बचाता है। इसके अलावा इसमें शक्तिशाली फाइटोकेमिकल यौगिक भी होते हैं जो इसके लक्षणों को कम करने में सहायक होते हैं। इस तरह से आप ऐसे रोगियों के खाने के लिए फल की सूची में इसे शामिल किया जाता है।

 

2. अंगूर: ऐसे रोगियों के खाने के लिए फल की सूची में केवल उन फलों को रखना चाहिए जो इसके लक्षणों को कम कर सकते हैं। अंगूर भी उन्‍हीं फलों में से एक है जो शुगर पेशेंट के लिए लाभकारी होते हैं। इसमें पाया जाने वाला रेसवेराट्रोल एक फाइटोकेमिकल होता है। यह शरीर में इंसुलिन को स्रावित करता है और रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करने में प्रभावी होता है। इसलिए इसे ऐसे रोगियों के लिए एक अच्‍छा विकल्‍प आहार फल होता है।

 

3. सेब: अमेरिका में हुए एक अध्‍ययन के अनुसार ब्‍लूबेरी और अंगूर के साथ सेब का सेवन करने से मधुमेह प्रकार 2 के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। इस तरह से ऐसे रोगी अपने आहार के रूप में सेब का उपभोग कर सकते हैं। लेकिन उन्‍हें यह भी सलाह दी जाती है कि सूची में शामिल किसी भी फल का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।

 

4. स्‍ट्रॉबेरी: इसमें ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स कम होता है। इसलिए इसका सेवन करने पर यह धीरे-धीरे रक्‍त प्रवाह में ग्‍लूकोज को छोड़ता है। इसके अलावा इसका सेवन रोगी की प्रतिरक्षा शक्ति को भी बढ़ाने में सहायक होता है। इसमें कैंसर से लड़ने की क्षमता होती है और यह चयापचय में भी वृद्धि करता है। इस तरह से यह मधुमेह और वजन कम करने में सहायक होते हैं।

 

5. अमरूद: इसमें फाइबर की उच्‍च मात्रा होती है जो इसके रोगियों में कब्‍ज की शिकायत को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ टाइप-2 के विकास को भी कम करने में प्रभावी होते हैं।

 

6. संतरा: बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य सलाहकार मधुमेह रोगियों को इसे खाने की सलाह देते हैं। इसमें पाए जाने वाले फ्लैवनॉन्स और फेनोलिक एसिड इसके रोगियों को सुरक्षा दिलाने में प्रभावी होते हैं। यह खट्टा फल ग्‍लूकोज अपटेक को धीमा करते हैं साथ ही आंतों और यकृत के माध्‍यम से ग्‍लूकोज के संचलन या परिवहन को भी रोकते हैं। इसलिए इसके रोगियों के खाने के लिए फल की सूची में प्रमुखता से इसे शामिल किया जाना चाहिए। यह आपके शरीर में मौजूद विषाक्‍त पदार्थों को दूर करने में अहम भूमिका निभाता है।

 

7. पपीता: इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं। जिसके कारण यह ऐसे रोगियों के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा ऐसे रोगियों को कई प्रकार की स्वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने का भी खतरा रहता है। जिनमें अनियंत्रित रक्‍त शर्करा के स्‍तर के कारण दिल या तंत्रिका क्षति शामिल है। लेकिन इस प्रकार की समस्‍याओं को रोकने के लिए रोगी को अपने आहार में पपीता को शामिल करना चाहिए।

 

8. चेरी: ब्‍लूबेरी की तरह ही चेरी में एंथोसायनिन होते हैं। यह इंसुलिन कोशिकाओं के उत्‍पादन को 50 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा इसमें अन्‍य घटक भी होते हैं जो संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं।

 

9. एवोकाडो: इसमें मानो अनसैचुरेटेड वसा की अच्‍छी मात्रा होती है। यह भोजन के बाद रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है। स्‍वस्‍थ वसा वाले खाद्य पदार्थ भी इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में सहायक होते हैं। जिससे शरीर में रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित किया जा सकता है। इस तरह से इसके रोगियों के लिए यह एक बेहतरीन उपाय हो सकता है।

 

10. नाशपा‍ती: इसमें विटामिन और फाइबर दोनों की उच्‍च मात्रा होती है। जब भी आपको हल्‍की भूख का एहसास हो या नाश्‍ता करने का मन करे तब आप ऊपर बताए गए फलों का सेवन कर सकते हैं।

 

11. कीवी फ्रूट: यह फल न केवल मधुमेह के लक्षणों को बल्कि आपके हृदय और रक्‍तवाहिकाओं को भी स्‍वस्‍थ रखता है।

 

12. जामुन: मधुमेह की सबसे प्रभावी दवा के रूप में इसका उपयोग किया जाता है। प्राचीन समय से ही आयुर्वेद और चिकित्‍सा पद्यति में इसके लक्षणों को कम करने के लिए जामुन का उपयोग किया जाता रहा है। यह रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करने का सबसे अच्‍छा और प्रभावी उपाय होता है।

 

13. तरबूज: इसमें पोटेशियम की उच्‍च मात्रा होती है जिसके कारण यह गुर्दे की कार्य प्रणाली को बेहतर बनाता है। इसके रोगी के खाने के लिए फल की सूची में इसे भी शामिल किया जाना चाहिए। क्‍योंकि इसका सेवन करने से यह रक्‍त में यूरिक एसिड के स्‍तर को कम करता है। जिससे आपके गुर्दे को नुकसान से बचाया जा सकता है विशेष रूप से जब आप मधुमेह रोगी हैं। इसके अलावा मधुमेह तंत्रिका क्षति का कारण भी बन सकता है। लेकिन इसमें पाया जाने वाला लाइकोपीन वास्‍तव में इन प्रभावों को कम करने में सहायक होता है। इस तरह से ऐसे रोगी के लिए इसका सेवन करना लाभकारी होता है।


Review this content

Reviews System WIDGET PACK

Enjoyed this article? Stay informed by joining our newsletter!

Comments

You must be logged in to post a comment.

About Author